(DELHI, DELHI)
पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता मनमोहन सिंह ने मंगलवार को मोदी सरकार के दो प्रमुख आर्थिक सुधारों नोटबंदी और जीएसटी पर जमकर हमला बोला। नोटबंदी के एक साल पूरा होने से एक दिन पहले मनमोहन सिंह ने अहमदाबाद में कहा कि 8 नवंबर 2016 को 500 और 1000 रुपये के नोटों को बैन किया जाना एक संगठित लूट और कानूनी डाका थी। जाने-माने अर्थशास्त्री ने कहा कि सरकार ने नोटबंदी का जो मकसद बताया वह पूरा नहीं हुआ, कालेधन वालों को पकड़ा नहीं जा सका, वे लोग भाग गए। जीएसटी ने छोटे कारोबारियों की कमर तोड़ दी। इन दोनों कदमों से भारतीय अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ। जीएसटी के अनुपालन की शर्तें छोटे कारोबारियों के लिए बुरे सपने की तरह है। आम लोगों को इससे काफी परेशानी हुई है।मनमोहन सिंह ने कहा कि मैं गर्व के साथ कह सकता हूं कि हमने अपने कार्यकाल के दौरान करीब 14 करोड़ लोगों को गरीबी से उबारा। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताया और कहा कि इसके किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हुई।
मनमोहन सिंह ने बुलेट ट्रेन परियोजना को अहंकार की कवायद बताया। क्या बुलेट ट्रेन पर सवाल उठाने से कोई विकास विरोधी और GST-नोटबंदी पर सवाल उठाने से कोई टैक्स चोर हो जाता है। हर किसी को चोर और राष्ट्रविरोधी मानने का रवैया लोकतंत्र की बुनियाद के लिए खतरा है।
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