राहुल ने ट्वीट किया, ‘न सुरक्षा, न शिक्षा, न पोषण। महिलाओं को मिला तो सिर्फ शोषण। आंगनवाड़ी वर्कर और आशा, सबको दी बस निराशा। गुजरात की बहनों से किया सिर्फ वादा। पूरा करने का कभी नहीं था इरादा।’ कांग्रेस नेता ने एक ग्राफिक्स भी पोस्ट की है। महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा से जुड़े मामलों में क्यों सिर्फ तीन प्रतिशत लोगों को ही दोषी ठहराया जा सका है। उन्होंने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के वर्ष 2016 के आंकड़ों का हवाला दिया है। कांग्रेस नेता ने मानव तस्करी, महिलाओं पर तेजाब हमला और नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म के मामले में देशभर में गुजरात के क्रमश: तीसरे, पांचवें और 10वें स्थान पर रहने को लेकर भी सवाल उठाए हैं। इसके अलावा महिलाओं के खिलाफ अपराध में भारत के 10 शहरों में राज्य के दो प्रमुख शहरों अहमदाबाद और सूरत के शामिल होने का मुद्दा भी उठाया है।
Digital Desk: Kamal
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