पार्टी सूत्रों के अनुसार पहले चरण का अभियान नए साल के दूसरे सप्ताह में शुरू होगा। इसका नेतृत्व पीसीसी अध्यक्ष अशोक चव्हान करेंगे। यह अभियान कोल्हापुर से शुरू होगा और पुणे में समाप्त होगा।
इस अभियान में पार्टी नेता सांसद विधायक पूर्व सांसद और पदाधिकारी हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कांग्रेस की राज्य इकाई की योजना भाजापा नीत सरकार के खिलाफ ऋण माफी और वादों को पूरा नहीं करने से संबंधित मुद्दों को उठाना है और इसके साथ ही साथ पार्टी के कार्यकर्ताओं को प्रेरित करके संगठन को मजबूत भी करने का है।
महाराष्ट्र में 2019 के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि राकांपा और अन्य दलों के साथ चुनावी गठबंधन का फैसला उपयुक्त समय पर लिया जाएगा। उन्होंने बताया पार्टी इस बात को बखूबी जानती है कि विपक्ष एकता के नाम पर समझौता करने का मतलब यह नहीं है कि पार्टी पीछे आ गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के परफार्मेंस ने महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भाजपा की अगुवाई वाली देवेन्द्र फडणवीस सरकार को हराने के लिए विपक्षी दलों की भूमिका की ओर ध्यान खींचा है।
गुजरात में जहां मुख्य रूप से दो दल मुख्य भूमिका में रहते हैं वहीं महाराष्ट्र पिछले दो दशक से कई दलों वाली प्रणाली रही है। कांग्रेस के एक नेता ने कहा हमारा इरादा गैर भाजपाई सभी दलों को जगह देना सुनिश्चित करना और किसानों की परेशानी सहित राज्य में अन्य मुद्दे उठाने के लिए विपक्ष एकता को मजबूत करने का है।
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