पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कारोबार के माहौल की रैंकिंग में जबरदस्त सुधार हुआ है। हम यहीं नहीं रुकेंगे स्थिति को और सुधारना है। श्रेयस्कर कामों पर कदम उठाएंगे तो वह आनेवाले समय में अपने आप प्रिय लगेंगे। मोदी ने कहा कि हर किसी को साथ लेकर ऊंचाइयों को हासिल करना है। मोदी ने कहा कि सत्तर साल पुरानी व्यवस्था को बदलने में वक्त तो लगता ही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को वॉर अबु धाबी के वॉर मेमोरियल वहात-अल-करमा पहुंचकर वहां पर यूएई के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दूसरे दिन जॉर्डन होते हुए तीन देशों की यात्रा में अबु धाबी पहुंचे। वहां के हवाई अड्डे पर मोहम्मद बिन ज़ायद और राजशाही परिवार के अन्य लोग उनके सम्मान में वहां पर मौजूद थे।
पीएम मोदी ने अबु धाबी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान के साथ व्यापक चर्चा की। इस दौरान भारत और यूएई के बीच पांच समझौतों पर मुहर लगी। यूएई में भारत के राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने कहा अबू धाबी में प्रथम हिंदू मंदिर 55 हजार वर्गमीटर भूमि पर बनेगा। इस मंदिर का निर्माण भारतीय शिल्पकार कर रहे हैं। यह साल 2020 में पूरा होगा। बोचासनवासी श्री अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था बीएपीएस के प्रवक्ता ने बताया कि पश्चिम एशिया में पत्थरों से बना यह प्रथम हिंदू मंदिर होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबूधाबी के शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात कर अनेक विषयों पर बातचीत की और इस दौरान दोनों देशों के बीच पांच समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। इसमें इंडियन ऑयल के नेतृत्व वाले कंपनी समूह को अपतटीय तेल सुविधा में 10% हिस्सेदारी देने का समझौता भी शामिल है।
प्रधानमंत्री तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में जॉर्डन से यहां पहुंचे। हवाई अड्डे पर अबूधाबी के शहजादे और शाही परिवार के अन्य सदस्यों ने उनकी अगवानी की। दोनों नेताओं ने एक दूसरे को गले लगाया।
मोदी ने हवाई अड्डे पर स्वागत के लिए शहजादे का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनकी यात्रा का भारत संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) संबंध पर सकारात्मक असर पड़ेगा। वहीं यूएई सैन्य बल के उप शीर्ष कमांडर मोहम्मद बिन जायद ने ट्वीट किया हम अपने देश के अतिथि और मूल्यवान मित्र भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यूएई में गर्मजोशी से स्वागत करते हैं।
मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद यूएई की उनकी यह दूसरी यात्रा है। मोदी अगस्त 2015 में पहली बार यूएई की यात्रा पर गए थे। मोदी पहले ऐसे विदेशी नेता हैं जिसे अबूधाबी के शहजादे ने शाही महल में आमंत्रित किया। शहजादे ने यूएई के एक आधुनिक देश के निर्माण में भारतीय श्रमिकों के योगदान की भी सराहना की। मोदी ने ट्वीट किया अपने अजीज मित्र शहजादे मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मिलकर प्रसन्न हूं। हम दोनों भारत-यूएई के रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम प्रतिबद्ध हैं कि कैसे इनसे दोनों देशों और पूरे दुनिया को फायदा होगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि प्रतिनिधि स्तर की वार्ता से पहले प्रधानमंत्री मोदी और अबूधाबी के शहजादे के बीच निजी बातचीत भी हुई।
उन्होंने कहा दोनों नेताओं के बीच रिश्तों को और बेहतर बनाने के लिए बातचीत हुई। बातचीत के बाद दोनो पक्षों ने ऊर्जा के क्षेत्र रेलवे श्रमशक्ति और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में पांच समझौते किए।
यहां भारतीय दूतावास से जारी एक बयान में कहा गया कि इंडियन कंसोर्टियम ओवीएल बीपीआरएल और आईओसीएल तथा अबूधाबी नेशलन ऑयल कंपनी एडीएनओसी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत भारतीय कंपनियों के समूह को अबूधाबी के अपतटीय लोअर जाकुम सुविधा तेल क्षेत्र में 10% हिस्सेदारी मिलेगी। यह सुविधा उसे 40 साल यानी 2018 से 2057 तक के लिए मिलेगी। इसमें कहा गया कि यह यूएई के अपस्ट्रीम ऑयल सेक्टर में पहला भारतीय निवेश है। इसके अलावा श्रमशक्ति रेलवे तथा आर्थिक क्षेत्र में दोनों देशों के बीच समझौते किए गए।
अबूधाबी में प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए अनेक इमारतें तिरंगे के रंग वाली रोशनियों से जगमगा रहीं थी। मोदी ने अबूधाबी के शहजादे की ओर से आयोजित भोज में भी शिरकत की। प्रधानमंत्री मोदी दुबई के विश्व सरकार सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे जहां भारत इस साल सम्मानित अतिथि है।
Digital Desk: Administrator
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।