राज्यसभा चुनाव  मे एक सीट पर फंसा फेंच भाजपा-बसपा में प्रतिष्ठा की लड़ाई
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व के अनुभवों को देखते हुए चुनाव में क्रासवोटिंग की आशंका भी बनी है। इसीलिए भाजपा, सपा, बसपा व कांग्रेस अपने अपने विधायकों को अपने पाले में पूरी तरह बनाए रखने का हर जतन करने में लगी हैं।

अपने प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए दलों के पास महज 24 घंटे से कम का समय बचा है। मतदान 23 मार्च शुक्रवार को है। प्रमुख दलों द्वारा जरूरी मतों को सहेजने और दल के प्रत्याशी अथवा समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में पोल करा देने की कवायदें तेज कर दी गई हैं। इस चुनाव की अहमियत को देखते हुए दलों के बड़े नेताओं का लखनऊ दौरा तेज हो गया है। बैठकें और भोज का दौर भी तेजी से चल रहा है। विधायकों को कहां और कैसे मतदान करना है इसकी जानकारी दी जा रही है। उन विधायकों पर नजरें रखी जा रही हैं जिन पर विरोधी खेमे के पक्ष में क्रास वोटिंग की आशंका है।

बहुजन समाज पार्टी के सभी विधायकों को बुधवार को ही लखनऊ बुला लिया गया है। बसपा प्रमुख मायावती गुरुवार को विधायकों को रात्रिभोज देंगी। वह इसके पहले विधायकों के साथ बैठक कर राज्यसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा करेंगी। बसपा के कुल 19 विधायक हैं।

मायावती आज को विधायकों के साथ शाम 7 बजे से बैठक करेंगी। इसमें वह राज्यसभा चुनाव के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश देंगी। उन्होंने विधायकों को रात्रिभोज भी दिया है। बसपा ने भीमराव अंबेडकर को राज्यसभा चुनाव में उतारा है। बसपा उम्मीदवार को सपा और कांग्रेस के विधायक भी वोट देंगे। बसपा उम्मीदवार को जिताने के लिए अतिरिक्त वोटों का जुगाड़ किया जा रहा है।



यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए 23 मार्च को मतदान होना है। भाजपा ने नौवां उम्मीदवार उतार कर सभी पार्टियों की गणित को गड़बड़ा दिया है। इससे तोड़फोड़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसीलिए सभी पार्टियां अपने विधायकों को सहेज कर रखने के प्रयास में जुटी हुई हैं। इससे जोड़तोड़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

Digital Desk: Administrator

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