अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक देवर्षि नारद जयंती कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आज के समय में प्रासंगिक है कि नारद सूचनाओं से भरे एक आदमी था। उनके पास पूरी दुनिया का ज्ञान था। वह इन सूचनाओं पर काम करते थे। मानवता की भलाई के लिए सूचनाओं को इकट्ठा करना उनका धर्म था और यह बहुत अनिवार्य भी था।
जहां रुपानी गूगल की तुलना नारद से कर चुके हैं वहीं त्रिपुरा के सीएम देव ने इंटरनेट को चौंकाने वाले बयान दिया था। देव ने कहा था कि भारत में महाभारत काल के समय से ही इंटरनेट का इस्तेमाल हो रहा है। अमेरिका या किसी अन्य पश्चिमी देश ने नहीं बल्कि भारत ने लाखों सालों पहले इंटरनेट की खोज की थी।
देव तर्क देते हुए कहा था कि अगर भारत के पास इंटरनेट की तकनीक नहीं होती तो, महाभारत में संजय धृतराष्ट्र को युद्ध का आंखों-देखा हाल कैसे बयां कर पाता? उन्होंने कहा था कि देश के पास उस वक्त सैटेलाइट मौजूद थी और ये लाखों साल पहले तकनीक के मौजूद होने का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि लोग इसे नकार देते हैं, लेकिन यही सच है।
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