मनमोहन सिंह ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने नोटबंदी और जीएसटी लागू करने में जल्दबाजी ये दो बड़ी गलितयां की जिसे टाला जा सकता था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के आर्थिक प्रबंध के कारण धीरे-धीरे बैंकिंग व्यवस्था से आम जनता का भरोसा उठता जा रहा है। हाल में जो घटना हुई जिसके चलते नकदी संकट कई राज्यों में देखने को मिला उसे भी रोका जा सकता था। पूर्व पीएम ने कहा कि जहां तक नीरव मोदी की बात है तो यह वास्तविक है कि साल 2015-16 में इस मामले को लेकर कुछ हुआ। लेकिन मोदी सरकार ने उस पर कुछ भी नहीं किया।
मनमोहन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री दावोद में नीरव मोदी की कंपनी के साथ थे और उसके कुछ ही दिनों बाद वह देश छोड़कर भाग गया। इससे खुद ब खुद काफी चीजें जाहिर हो जाती है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने विपक्षियों को अपनी बातें कहने के लिए कभी भी प्रधानमंत्री कार्यालय का इस्तेमाल नहीं किया जैसे कि यह सरकार दिनोंदिन कर रही है।
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