उन्होंने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने कानून के मुताबिक 4 जुलाई 2018 को विधि संबंधी और कार्यपालिका संबंधी अधिकारों को लेकर केन्द्र शासित प्रदेश दिल्ली और उपराज्यपाल के दायरे को बताया है। इसमें तीन फैसले दिए गए। सबसे बड़ा फैसला प्रधान न्यायाधीश का था जिनसे दो जज सहमत थे। सैद्धांतिक तौर पर सभी पांच जजों की राय में थोड़ा सा ही अंतर था।
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