अधिकारों की जंग को लेकर दिल्ली सरकार और उप-उपराज्यपाल सुप्रीम कोर्ट में फिर आमने-सामने
(DELHI, DELHI) दिल्ली के अधिकारों को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर से तनातनी उस वक्त दिखेगी जब शीर्ष अदालत केजरीवाल सरकार की शिकायत पर सुनवाई करेगी। दिलली सरकार की तरफ से यह आरोप लगाया गया है कि यहां का सिस्टम पूरी तरह से पैरालाइज्ड हो चुका है क्योंकि वे नौकरशाहों की ट्रांसफर पोस्टिंग नहीं कर सकते हैं।पिछले हफ्ते उपराज्यपाल की तरफ से और समय मांगे जाने के बाद जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस नवीन सिन्हा की पीठ ने मामले की सुनवाई 26 जुलाई तय की थी।

दिल्ली सरकार की तरफ से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील पी. चिदंबरम ने कहा दिल्ली सरकार का काम पूरी तरह से ठप हो चुका है। हाल में संवैधानिक पीठ की तरफ से सभी पहलुओं पर स्पष्ट आदेश के बाद भी हम किसी भी ऑफिसर को पोस्ट नहीं कर सकते हैं उनका ट्रांसफर नहीं कर सकते हैं। इस मुद्दे को जल्द से जल्द सुलझाए जाने की जरूरत है।आम आदमी पार्टी सरकार ने आरोप लगाया है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद ट्रांसफोर और पोस्टिंग में उपराज्यपाल अडंगा लगा रहा है।

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