भाकपा के राष्ट्रीय सचिव सुरवरम् सुधाकर रेड्डी ने पीटीआई भाषा से कहा, ''हम पहले तेलुगु देशम पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और तेलंगाना जनसमिति को चाहते हैं.. हम आपस में हाथ मिलायेंगे और हम माकपा को भी निमंत्रित करेंगे। यदि संभावना बनी तो हम कांग्रेस के साथ ही जाना पसंद करेंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या ऐसा चुनाव पूर्व गठजोड़ पक्का है तो उन्होंने कहा, ''बिल्कुल।
हालांकि कांग्रेस की ओर से भी इस गठबंधन में शामिल होने के का संकेत मिलने के बारे में पूछे जाने रेड्डी ने कहा, ''अब तक तो नहीं है।
इस बीच, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता श्रवण दासोजू ने कहा कि तेदेपा के साथ चुनावी गठबंधन संभव है।
तेदेपा प्रमुख और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने गठबंधन के मुद्दे पर फैसला करने जिम्मा पार्टी की तेलंगाना इकाई पर डाल दिया है।
पिछले चुनाव में भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर तेदेपा ने 15 सीटें जीती थीं लेकिन उसके 12 विधायक सत्तारुढ़ तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के पाले में चले गये थे।
टीआरएस पहले ही विधानसभा की कुल 119 सीटों में 105 पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। उसने 2014 के चुनाव में 63 सीटें जीती थीं।
टीआरएस ने उस पांच सीटों में चार पर उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है जहां पिछला विधानसभा चुनाव भाजपा ने जीता था।
वैसे इस बार भाजपा ने स्पष्ट किया कि वह अकेले अपने बलबूते पर चुनाव लड़ेगी।
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