1984 सिख दंगे में दिल्ली HC के फैसले पर बोले केजरीवाल, उम्मीद है मुजफ्फरनगर दंगे में शामिल लोगों को भी सजा मिलेगी
(DELHI, DELHI) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 1984 के सिख विरोधी दंगा मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के खिलाफ उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए मंगलवार को कहा कि उम्मीद है कि मामले में शामिल अन्य बड़े नेताओं के साथ ही गुजरात और मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक हिंसाओं के साजिशकर्ताओं को भी सजा मिलेगी। केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी शांतिप्रिय हैं और सद्भावना के साथ रहना चाहते हैं लेकिन ये दंगे राजनीतिक रूप से भड़काएं हुए हैं।
यहां एक समारोह से इतर उन्होंने कहा, मैं 1984 दंगा मामले में सज्जन कुमार को दोषी ठहराए जाने के उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करता हूंइसमें काफी समय लग गया। इसमें देरी हूई लेकिन फैसला आया। केजरिवाल ने पत्रकारों से कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि इसमें 1984 दंगे में शामिल अन्य बडे़ नेताओं को भी समय के साथ कठोर सजा मिलेगी। साथ ही 2002 गुजरात दंगों तथा 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों में शामिल लोगों को भी सजा मिले।
उन्होंने कहा, लोग शांति के साथ रहना चाहते हैं, हिन्दू और मुसलमान एक-दूसरे से लड़ना नहीं चाहते लेकिन पार्टियां उन्हें उकसाती हैं और बड़े राजनीतिक नेता ऐसा करते हैं। 'आप' प्रमुख ने कहा कि कड़ी सजा दिए जाने पर भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी। बता दें सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने 1984 मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
इसके बाद मगंलवार को सज्जन कुमार ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को पत्र लिख पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पत्र में गांधी से कहा, ''माननीय हाईकोर्ट द्वारा मेरे खिलाफ दिए गए आदेश के मद्देनजर मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से तत्काल इस्तीफा देता हूं।
यह मामला 1984 दंगों के दौरान एक-दो नवम्बर को दक्षिण पश्चिम दिल्ली की पालम कॉलोनी में राज नगर पार्ट-1 क्षेत्र में सिख परिवार के पांच सदस्यों की हत्या करने और राज नगर पार्ट-2 में एक गुरुद्वारे में आगे लगाने से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने 73 वर्षीय कुमार और अन्य पांच को दोषी करार देते हुए 31 दिसम्बर तक आत्मसमर्पण करने और तक तब दिल्ली ना छोड़ने का निर्देश दिया है। पूर्व संसद सज्जन कुमार सहित छह आरोपियों के खिलाफ वर्ष 2010 में सुनवाई शुरू हुई थी और तीन वर्ष बाद निचली अदालत ने कांग्रेस नेता को बरी करते हुए पांच अन्य को दोषी ठहराया था। सिख विरोधी दंगों के समय सज्जन कुमार संसद सदस्य थे।

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