महिला क्रिकेट टीम कोच के लिए शॉर्टलिस्ट हुए नाम, रमेश पोवार का नाम शामिल
(India) भारत की पुरुष क्रिकेट टीम को 2011 में विश्व विजेता बनाने वाले कोच गैरी कर्स्टन का नाम भारत की महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच के लिए शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है। वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक, गैरी कर्स्टन के साथ ही दक्षिण अफ्रीका के हर्षल गिब्स और टीम के कोच रह चुके रमेश रोवार का नाम भी चुनिंदा लोगों की सूची में हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक इन लोगों का नाम आवेदन करने वाले 28 लोगों में से छांटा गया है। कर्स्टन और गिब्स के अलावा इस सूची में जो विदेशी कोच शामिल हैं, उनमें दिमित्री मैस्कारेनहस, ब्रैड हॉग, ट्रैंट जॉनसन, डेव व्हॉटमोर, ओवेश शाह, कोलिन सिलर, डोमिनिक थोनेर्ले के नाम हैं।
वहीं, जो भारतीय कोच इस रेस में हैं उनमें वेंकटेश प्रसाद, मनोज प्रभाकर और वीवी रमन के नाम हैं। तीन महिलाएं भी कोच की दौड़ में हैं जिनमें गार्गी बनर्जी, आरती वेदया के नाम हैं। टीम के मुख्य कोच पद के लिए इंटरव्यू गुरुवार (20 दिसंबर) से शुरू होंगे। भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़, शांथा रंगास्वामी कोच पद के लिए इंटरव्यू लेंगे।
हाल ही में वेस्टइंडीज में खेले गए टी-20 विश्व कप के बाद मिताली राज और कोच रोमेश पोवार के बीच अनबन के कारण भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कोच पद के लिए दोबारा से विज्ञापन दिया था। टीम के कोच रहे रमेश पोवार का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हो गया था। बोर्ड ने पोवार को हालांकि दोबारा अप्लाई करने का मौका दिया है और इसी कारण वह इस रेस में आगे भी हैं।
बता दें कि भारतीय टी-20 टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर और उप कप्तान स्मृति मंधाना के समर्थन के बाद रमेश पोवार ने फिर से महिला क्रिकेट के कोच पद के लिए आवेदन किया था। 40 साल के इस पूर्व भारतीय स्पिनर ने इस बात की पुष्टि की थी कि उन्होंने कोच के पद के लिए आवेदन किया है। पोवार ने कहा था, ‘हां, मैंने आवेदन किया है क्योंकि स्मृति और हरमनप्रीत ने मेरा समर्थन किया और मैं आवेदन नहीं करके उन्हें निराश नहीं करना चाहता।'
हाल ही में महिला टी-20 वर्ल्ड के सेमीफाइनल मैच में मिताली राज को बाहर रखा गया था। इस मैच में भारत को हार मिली थी। मिताली को बाहर रखने के फैसले की काफी आलोचना हुई थी। टीम के भारत लौटने के बाद मिताली राज ने रमेश पोवार और प्रशासकों की समिति (COA) की सदस्य डायना एडुल्जी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।
मिताली राज रमेश पोवार पर भेदभावपूर्ण नीति अख्तियार करने का आरोप लगाया था। साथ ही अपमानित करने की भी बात कही थी। मिताली ने बीसीसीआई को लिखा था कि प्रशासकों की समिति (सीओए) की सदस्य डायना एडुलजी ने अपने पद का दुरुपयोग किया है। मिताली ने कहा था, 'डायना एडुलजी ने मुझे बुलाया और मेरी पीठ में छुरा घोंपने वाला काम किया और मेरे साथ जो कुछ भी किया गया उसे उचित ठहराया।'
पोवार के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसी कई घटनाएं हुईं, जब अपमानित महसूस किया। मिताली ने कहा था, ‘यदि मैं कहीं आसपास बैठी हूं, तो वह निकल जाते थे या दूसरों को नेट पर बल्लेबाजी करते समय देखते थे, लेकिन मैं बल्लेबाजी कर रही हूं तो नहीं रुकते थे। मैं उनसे बात करने जाती, तो फोन देखने लगते या चले जाते।’ मिताली ने कहा था,‘यह काफी अपमानजनक था और सभी को दिख रहा था कि मुझे अपमानित किया जा रहा है, इसके बावजूद मैंने अपना आपा नहीं खोया।’
मिताली ने कहा था,‘हालात बेकाबू होने पर मैंने टीम मैनेजर से भी बात की, लेकिनउसके बाद हालात बदतर होते चले गए। कोच के लिए मानो मैं टीम में थी ही नहीं।’ मिताली ने कहा कि पोवार ने उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में मैदान पर नहीं आने के लिए कहा। मिताली ने आगे कहा था,‘शाम को टीम बैठक के बाद रमेश ने मेरे कमरे में फोन किया और कहा कि मैदान पर नहीं आना, क्योंकि वहां मीडिया होगा। मैं स्तब्ध रह गई कि मेरे टीम के साथ होने से मीडिया को क्या दिक्कत है। हमारेसबसे बड़े मैच में मुझे अपनी टीम से अलग रहने को कहा गया।’'

Author: JAN TV Editorial Team

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