Publish Date:Thu, 10 Jan 2019 09:58 AM (IST)
Upper Cast Reservation Bill हुआ पास, बजट सत्र में और धमाकों की तैयारी में मोदी सरकार
संसद के बजट सत्र के लिए 14 दिन का समय रखे जाने का स्पष्ट संदेश यही है कि सरकार Upper Cast Reservation Bill की ही तरह कोई बड़ा धमाका अगले महीने भी कर सकती है।
नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। Upper Cast Reservation Bill संसद के दोनों सदनों से पास हो चुका है और अब राष्ट्रपति की मुहर लगने के साथ ही अगड़ी जातियों के गरीबों को भी 10 फीसद आरक्षण मिलने लगेगा। इसी के साथ संसद के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही पूरी हुई और अब सबकी निगाहें 31 जनवरी से 13 फरवरी तक होने वाले बजट सत्र पर हैं। यह भी गौर करने लायक बात है कि इस बार पूर्ण बजट पेश नहीं होगा, बल्कि आगामी लोकसभा चुनाव के चलते 'वोट ऑन अकाउंट' पेश होगा। यानि चुनाव के बाद 17वीं लोकसभा के गठन तक खर्चे चलाने के लिए सरकार लेखानुदान की मांग करेगी। इस सत्र के लिए 14 दिन का समय रखे जाने का स्पष्ट संदेश यही है कि सरकार Upper Cast Reservation Bill की ही तरह कोई बड़ा धमाका अगले महीने भी कर सकती है।
क्या होता है वोट ऑन अकाउंट
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत सरकार को हर साल संसद में एक वार्षिक वित्तीय विवरण पेश करना होता है। इसमें सालाना आय-व्यय का लेखा-जोखा होता है। इसे ही बजट कहते हैं। पिछले कुछ समय से लोकसभा के चुनाव अप्रैल-मई में होते आए हैं, ऐसे में सरकार उस समय पूर्ण बजट पेश करने की स्थिति में नहीं होती, मगर सरकारी खर्चों को पूरा करने के लिए उसे इंतजाम जरूर करना पड़ता है, ताकि नई सरकार के आने तक सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती रहें। इसके राजनीतिक एवं नैतिक निहितार्थ भी हैं। क्योंकि जिस सरकार के पास पूरे साल शासन चलाने का जनादेश नहीं है, उसे पूरे साल का वित्तीय विवरण पेश करने से भी बचना होता है। ऐसी ही स्थिति में सरकार पूर्ण बजट पेश करने के बजाय कुछ महीनों का खर्च चलाने के लिए वोट ऑन अकाउंट पेश करती है। इसे लेखानुदान मांग, अंतरिम बजट और आम भाषा में मिनी बजट भी कहा जाता है।
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