पीडीपी अध्यक्ष ने कहा 'हम केंद्र सरकार को बताना चाहते हैं कि अनुच्छेद 35 ए से छेड़छाड़ करना बारूद में आग लगाने जैसा होगा। यदि कोई हाथ अनुच्छेद 35 ए को छूने की कोशिश करेगा तो न सिर्फ वह हाथ, बल्कि सारा शरीर जलकर राख बन जाएगा।' उन्होंने कहा कि राज्य के विशेष दर्जे से किसी तरह की छेड़छाड़ के प्रयास को रोकने के लिए वे अंतिम सांस तक लड़ेंगे।
बता दें कि इससे पहले जम्मू एवं कश्मीर में सुरक्षा को लेकर अतरिक्त बलों की तैनाती के केंद्र सरकार के फैसले पर घाटी में राजनीतिक पार्टियों की कड़ी प्रतिक्रियाएं सामने आई थी। महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट किया था कि केंद्र के घाटी में अतिरिक्त दस हजार जवानों की तैनाती के फैसले ने लोगों में भय व मनोविकृति पैदा की है। कश्मीर में सुरक्षाबलों की कमी थोड़े ही है!
उन्होंने कहा था कि जम्मू एवं कश्मीर राजनीतिक समस्या है, जिसे सैन्य तरीकों से नहीं सुलझाया जा सकता। भारत सरकार को अपनी नीति में बदलाव करने की जरूरत है।
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