इसी के साथ सरकार ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों से इस सत्र में सार्थक चर्चा की अपील की। विपक्षी दल जहां आर्थिक सुस्ती और कश्मीर में स्थिति को लेकर केंद्र को घेरने की तैयारी में हैं वहीं, सरकार नागरिकता (संशोधन) विधेयक समेत तमाम बिल पारित कराना चाहेगी। इसे लेकर गर्मागर्म बहस होने के आसार हैं। इस सत्र में लोकसभा की 20 बैठकें प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने, कॉमन सिविल कोड, नागरिकता संशोधन और ई सिगरेट विधेयक को भी पेश कर सकती है।
सदन में सोमवार को चार नए सांसद शपथ लेने लेंगे। नए सांसदों में बिहार के संसदीय क्षेत्र समस्तीपुर से प्रिंस राज, मध्य प्रदेश के शहडोल से हिमाद्री सिंह, महाराष्ट्र के सतारा से श्रीनिवास दादासाहेब पाटिल और तमिलनाडु के वेल्लोर से डीएम कथिर शामिल हैं।
सरकार की ओर से रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, जिसमें 27 दलों के नेता शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार नियमों के अनुसार सभी मुद्दों पर बहस को तैयार है। सदन का सबसे अहम काम चर्चा करना है। यह सत्र भी पिछले सत्र जैसा ही परिणाम देने वाला होना चाहिए। संसद में सकारात्मक चर्चा नौकरशाहों को भी सचेत रखती है।
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