राज्यसभा में बुधवार को विपक्ष में जम्मू-कश्मीर के हालात का मुद्दा उठाया। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में 5 अगस्त के बाद एक भी व्यक्ति की मौत पुलिस की गोली से नहीं हुई। जहां तक इंटरनेट की बात है, तो इस पर पहले भी रोक लगाई गई थी। जब हम इंटरनेट पर रोक लगाएंगे, तो यह फैसला जम्मू-कश्मीर के अधिकारियों से पूछकर लिया जाएगा। कश्मीर क्षेत्र में पाकिस्तान की तरफ से आतंकी गतिविधियां जारी रहती हैं। लिहाजा हमें सुरक्षा को भी ध्यान में रखना होता है।
गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि गत पांच अगस्त को अनुच्छेद-370 के प्रावधान हटाए जाने के बाद से आज तक वहां पत्थरबाजी व कानून व्यवस्था से संबंधित 190 मामले दर्ज किए और 765 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले एक जनवरी से चार अगस्त तक 361 मामले दर्ज किए गए थे।
रेड्डी ने बताया कि सरकार ने पत्थरबाजी की समस्या से निपटने के लिए बहुआयामी रणनीति अपनाई है और उसे इस समस्या से निपटने में सफलता भी मिली है।
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