भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। हाल ही गलवान घाटी (Galwan Valley) में जो हुआ उसके बाद से ही देश में चीनी सामान के बहिष्कार (Boycott Chinese Goods) की मांग उठ रही है। भारतीय क्रिकेट और उसकी टी20 लीग आईपीएल (IPL) पर यह दबाव बढ़ रहा है कि वह चीनी कंपनियों से मिलने वाली स्पॉन्सरशिप को रद्द करे। इस दबाव के बाद आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल इस सप्ताह मीटिंग करेगी। इस मीटिंग में टूर्नमेंट से जुड़ी सभी चाइनीज स्पॉन्सरशिप का रिव्यू किया जाएगा।
चाइनीज ब्रैंड्स से बीसीसीआई की करीब 2 हजार करोड़ की डील
बीसीसीआई के लिए चाइनीज कंपनियों का बहिष्कार करना इतना आसान नहीं होगा। इन चीनी कंपनियों से आईपीएल के लिए उसकी ₹1320 करोड़ की डील है। एक अंग्रेजी अखबार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें ऑन-एयर विज्ञापनों को भी जोड़ दें तो विभिन्न चीनी ब्रैंड्स से उसे ₹500 करोड़ की कमाई और होती है। अगर चाइनीज कंपनियों के बहिष्कार का फैसला होता है तो भारतीय क्रिकेट बोर्ड और आईपीएल के ऑफिशल ब्रॉडकास्टर स्टार इंडिया को राजस्व का बड़ा नुकसान होगा। पिछले साल इन्होंने आईपीएल से ₹2000 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी।
Author: JAN TV Editorial Team
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