बदल रहा है कोरोना वायरस, क्या बेअसर हो जाएंगे बन रहे कोविड के टीके?
(India) दुनियाभर के वैज्ञानिक कोविड के खिलाफ वैक्सीन विकसित करने के काम में दिन-रात जुटे हुए हैं। इधर, कोरोना भी अपना रूप बदल रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या वैज्ञानिक किसी खास तरह के कोरोना वायरस को बेअसर करने का टिका विकसित कर रहे हैं? अगर, ऐसा है तो कोरोना वायरस म्यूटेशन से अपना नया वर्जन बनाता रहा तो क्या वह टीका नए वर्जन वाले कोरोना पर प्रभावी हो पाएगा?
ऐसा इसलिए क्योंकि दूसरे वायरसों की तरह ही सार्स-कोव-2 के पास भी अलग-अलग वर्जन में बदलने की क्षमता है। वायरस ऐसा म्यूटेशन के कारण कर पाते हैं। मलेशिया में कोरोना वायरस के म्यूटेशन से पैदा हुआ एक खास तरह का स्ट्रेन चिंता का नया कारण बन गया है। लेकिन सवाल यह है कि आखिर कोरोना वायरस के ये स्ट्रेन कैसे पैदा हो रहे हैं और क्या नए-नए स्ट्रेन से कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिए विकसित किए जा रहे टीके पर कोई असर होगा?

Author: JAN TV Editorial Team

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