राहुल गांधी की मांग
गरीबों को आर्थिक मदद दी जाए.
कोविड प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा कोष स्थापित हो.
तेज गति से टीकाकरण किया जाए.
राहुल ने उठाए ये सवाल
वैज्ञानिकों और चिकित्सकों ने दूसरी लहर की बात की थी, लेकिन सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया.
पूरा देश जानता है कि तीसरी लहर आने वाली है. वायरस अपना स्वरूप बदल रहा है. सरकार की तैयारी क्या है?
ऑक्सीजन, दवाओं, बेड और दूसरी जरूरतों को तीसरी लहर के लिए पूरा करना चाहिए.
देश में टीकाकरण धीमा क्यों हुआ? जिन लोगों को बचा सकते थे, उनकी मौत हो गई.
महामारी की पहली और दूसरी लहर के दौरान सरकार का प्रबंधन त्रासदीपूर्ण रहा.
कांग्रेस ने श्वेत पत्र में चार मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित किया ध्यान
पहला बिंदु- तीसरी लहर की तैयारी.
दूसरा बिंदु- गरीबों, छोटे व्यापारियों को आर्थिक मदद.
तीसरा बिंदु- कोविड मुआवजा कोष बने.
चौथा बिंदु- पहली और दूसरी लहर की गलतियों के कारणों का पता लगाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि आगे यह गलतियां नहीं हों.
श्वेत पत्र का लक्ष्य गलतियों को ठीक करने का- राहुल गांधी
हालांकि राहुल गांधी ने कहा, ‘‘इस श्वेत पत्र का लक्ष्य सरकार पर अंगुली उठाना नहीं है. हम सरकार की गलतियों का उल्लेख इसलिए कर रहे हैं ताकि आने वाले समय में गलतियों को ठीक किया जा सके.’’
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