कोरोना वायरस के नए वेरियेंट ओमीक्रोन के फैलने की रफ्तार हर दिन तेज हो रही है। यही वजह है कि नाइट कर्फ्यू समेत अन्य पाबंदियों से लेकर बड़े बच्चों के टीकाकरण और एहतियाती टीका लगाने तक की रणनीति अपनाई जा रही है। इस बीच, भारतीय सार्स-कोव-2 जीनोमीक्स कन्सोर्शिया ने अपने ताजा बुलेटिन में माना है कि ओमीक्रोन टीके या वायरस के संक्रमण से पैदा हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी भेदने में बहुत हद तक सक्षम है। हालांकि, पुणे की भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान ने ओमीक्रोन स्ट्रेन को अलग करने में सफलता पा ली है। इस कारण अब एंटीबॉडी को मात देने के लिए ओमीक्रोन कैसी चाल चलता है, इसका पता और गहराई से चल सकेगा। डब्ल्यूएचओ चीफ टेडरोस एडनोम गेब्रियासिस ने कोरोना महामारी पर दुनिया को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि डेल्टा और ओमिक्रॉन वैरिएंट की ऐसी सुनामी आएगी कि हेल्थ सिस्टम तबाही के कगार पर पहुंच जाएगा। गेब्रियासिस बोले- दुनियाभर का हेल्थ सिस्टम वैसे ही अपनी क्षमताओं से आगे जाकर काम कर रहा है। इसके बाद डेल्टा और ओमिक्रॉन जैसे दोनों खतरे संक्रमण का आंकड़ा रिकॉर्ड ऊंचाई तक ले जाएंगे। इससे हॉस्पिटलाइजेशन और मौतें बढ़ेंगी। डब्ल्यूएचओ की चीफ साइंटिस्ट सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि मौजूदा वैक्सीन ओमिक्रॉन के खिलाफ अभी भी प्रभावी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि शरीर में मौजूद टी सेल इम्युनिटी नए वैरिएंट का मुकाबला करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि वैक्सीन अभी भी प्रभावी साबित हो रही है। हालांकि, अलग- अलग वैक्सीन का प्रभाव अलग-अलग है।
Author: JAN TV Editorial Team
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