ऑपरेशन लोटस का टारगेट उद्धव की कुर्सी ही नहीं, शिवसेना भी छीनना
(India) एकनाथ शिंदे को दलबदल कानून से बचते हुए उद्धव सरकार गिराने के लिए शिवसेना के 37 विधायक चाहिए, फिर भी वो रुक नहीं रहे। वो बागियों के डेरे में लगातार शिवसेना विधायकों को जोड़ते जा रहे हैं। गुवाहटी के पांच सितारा होटल के बाहर शिंदे ने 46 विधायक साथ होने का दावा किया। दैनिक भास्कर के सूत्र बता रहे हैं कि बागियों की तादात 50 तक पहुंच सकती है।

बस यहीं एक सवाल कौंध रहा है। आखिर शिंदे चाहते क्या हैं? वो लगातार जरूरत से ज्यादा शिवसेना के बागी विधायकों को क्यों जुटा रहे हैं? उधर, BJP ने अब तक विधानसभा सत्र बुलाने की मांग क्यों नहीं की है? उद्धव से खुली बगावत के बावजूद शिंदे लगातर क्यों कह रहे हैं कि वो बाला साहेब के सच्चे शिवसैनिक हैं और उन्होंने शिवसेना नहीं छोड़ी है।

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