कांग्रेस विरोध की बुनियाद पर सियासत की शुरुआत करने वाले मुलायम सिंह यादव पहलवानी के शौकीन थे. मुलायम का चरखा दांव कुश्ती के अखाड़े से लेकर सियासी अखाड़े तक मशहूर रहा.तो मानो भूचाल ला दिया था. साल 1967 में मुलायम सिंह यादव ने महज 28 साल की उम्र में अपना पहला विधानसभा चुनाव जीतकर ये साबित कर दिया था कि सूबे की राजनीति में मुलायम युग का आगाज हो चुका है.कुश्ती करने के फैसले ने मुलायम सिंह यादव को सिर्फ 28 साल की उम्र में प्रदेश का सबसे कम उम्र का विधायक बना दिया. दरअसल जसवंत नगर में एक कुश्ती के दंगल में विधायक नत्थू सिंह की नजर मुलायम पर पड़ी. नत्थू उनके इतने दीवाने हो गए कि उन्होंने साल 1967 के चुनाव में जसवंत नगर सीट खाली कर दी और मुलायम को टिकट दे दिया. मतदान के नतीजों ने सबको चौंका दिया. और बस यहीं से उनके नेता जी बनने की कहानी भी शुरू हो गई.
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