पीएम बोले 1923 में जब गीेता प्रेस ने काम करना शुरू किया तो ग्रंथ भारत के घर-घर पहुंचने लगे। इन ग्रंथों से नई पीढ़िया जुड़ने लगीं और आने वाली पीढ़ियां भी इससे जुड़ने लगीं। यह इस बात का प्रमाण है कि जब आपके मूल्य पवित्र होते हैं तो सफलता आपका प्रयाय बन जाती है। गीता प्रेस एक ऐसा संस्थान है। जिसने हमेशा सामाजिक मूल्यों को समृद्ध किया है और लोगों को कर्तव्य पथ का मार्ग दिखाया है। पीएम ने कहां संतों की तपस्या कभी निष्फल नहीं होती। उनके संकल्प अभी शुरू नहीं होते। इन्हीं संकल्पों को परिणाम है कि आज हमारा भारत सफलता के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। मैंने लाल किले से कहा था कि यह समय अपनी विरासत पर गर्व का है।
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