पीएम मोदी बोले-गीता प्रेस किसी मंदिर जैसी, गांधी जी का भी भावनात्मक था लगाव, आज भी इसका अनुसरण जारी है।
(India) पीएम मोदी ने गीता प्रेस के शताब्दी समारोह के शिवपुराण ग्रंथ का विमोचन किया तो वहीं संस्था के 100 सालों के इतिहास को भी याद किया। उन्होंने कहा कि हमारा सौभ्याग्य है कि इस मानवीय मिशन की शताब्दी के हम साक्षी बन रहे है। इस शताब्दी के मौके पर हमारी सरकार ने गांधी शांति पुरस्कार भी दिया है। गांधी जी का इससे भावनात्मक जुड़ा था। गांधी जी एक समय यहां की कल्याण पत्रिका के लिए लिखते थे। उनके सुझाव पर ही कल्याण पत्रिका में विज्ञापन नहीं छपते और आज भी इसका अनुसरण जारी है। उन्होंने कहा कि गीता प्रेस दुनिया का इकलौता ऐसा प्रिंटिंग प्रेस है जो सिर्फ एक संस्था नाहीं है बल्कि जीवन आस्था है। यह किसी मंदिर से कम नहीं है।

पीएम बोले 1923 में जब गीेता प्रेस ने काम करना शुरू किया तो ग्रंथ भारत के घर-घर पहुंचने लगे। इन ग्रंथों से नई पीढ़िया जुड़ने लगीं और आने वाली पीढ़ियां भी इससे जुड़ने लगीं। यह इस बात का प्रमाण है कि जब आपके मूल्य पवित्र होते हैं तो सफलता आपका प्रयाय बन जाती है। गीता प्रेस एक ऐसा संस्थान है। जिसने हमेशा सामाजिक मूल्यों को समृद्ध किया है और लोगों को कर्तव्य पथ का मार्ग दिखाया है। पीएम ने कहां संतों की तपस्या कभी निष्फल नहीं होती। उनके संकल्प अभी शुरू नहीं होते। इन्हीं संकल्पों को परिणाम है कि आज हमारा भारत सफलता के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है। मैंने लाल किले से कहा था कि यह समय अपनी विरासत पर गर्व का है।

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