(India)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि सहकारिता आंदोलन को संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग वाली अर्थव्यवस्था सर्कुलर इकोनॉमी से जोड़ने और इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने की जरूरत है। मोदी ने यहां भारत मंडपम में आयोजित, आईसीए वैश्विक सहकारिता सम्मेलन 2024 को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के लिए सहकारी समितियां संस्कृति और जीवन शैली का आधार हैं। उन्होंने कहा कि भारत अपने भविष्य के विकास में सहकारी समितियों की एक बड़ी भूमिका देखता है और पिछले 10 साल में देश ने सहकारी समितियों से संबंधित पूरे परिवेश को बदलने के लिए काम किया है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।