पटना में निजी शिक्षण संस्थानों में रिक्त आरक्षित सीटों को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक के दौरान सदन के नेता ने हस्तक्षेप किया।
विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल राजद के सदस्य सदन के वेल में आ गए और उन्होंने "शिक्षा माफिया" के खिलाफ नारे लगाए। दिन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर हंगामा शुरू हो गया, जब राजद विधायक ललित यादव ने पटना के निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षित सीटों के खाली रहने का मुद्दा उठाया।
उन्होंने ऐसी रिक्त सीटों का जिलावार ब्यौरा और उठाए जा रहे कदमों के बारे में एक बयान भी मांगा। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सदन को बताया कि सरकार द्वारा सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन वे विपक्षी सदस्यों को संतुष्ट करने में विफल रहे, जिन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारे भी लगाए। मुख्यमंत्री ने खड़े होकर कहा, "अगर आप मेरी निंदा करते हैं, तो मैं आपकी सराहना करूंगा। आप अपनी बात जारी रख सकते हैं। लेकिन अगर आपकी कोई विशेष शिकायत है, तो मुझे लिखित में दीजिए। इस पर विचार किया जाएगा।" कुमार ने कहा, "शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अनुसार, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के छात्रों के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित की जानी हैं। मैं संबंधित अधिकारियों को मामले की गहनता से जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दे रहा हूं।"
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।