नकली ORS में जरूरी तत्व सही मात्रा में नहीं होते, जिससे शरीर को राहत मिलने के बजाय और नुकसान हो सकता है। खासकर बच्चों, बुज़ुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह स्थिति गंभीर हो सकती है।
असली ORS को पहचानने का आसान तरीका है – इसके पैकेट पर WHO फॉर्मूला साफ लिखा होना चाहिए। इसमें ग्लूकोज, सोडियम क्लोराइड, पोटैशियम क्लोराइड और सोडियम साइट्रेट सही मात्रा में मौजूद होते हैं। खरीदते समय पैकेट की सील, निर्माण कंपनी का नाम और एक्सपायरी डेट भी ज़रूर जांचें।
अगर किसी ORS पाउच पर शक हो तो उसका इस्तेमाल न करें और नजदीकी स्वास्थ्य अधिकारी या खाद्य विभाग को सूचना दें।
डॉक्टरों की सलाह है कि केवल विश्वसनीय और प्रमाणित ORS का ही उपयोग करें। जागरूक रहें, सुरक्षित रहें।
Author: JAN TV Editorial Team
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