यह दौरा इसलिए खास है क्योंकि भारत और चीन के बीच गलवान झड़प के बाद से तनावपूर्ण रिश्तों में अब तक कोई उच्चस्तरीय राजनीतिक दौरा नहीं हुआ है। मोदी का यह 11 सालों में चीन का 5वां दौरा होगा, लेकिन हालात पहले से बिल्कुल अलग हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत-चीन संबंधों में एक नए संवाद की शुरुआत हो सकती है, हालांकि सीमा विवाद और क्षेत्रीय रणनीति जैसे मुद्दों पर मतभेद बने रह सकते हैं।
SCO समिट में रूस, चीन, पाकिस्तान समेत कई अहम देशों के नेता भी मौजूद रहेंगे, जिससे यह दौरा कूटनीतिक दृष्टि से और भी अहम बन जाता है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।