पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत पर टैरिफ लगाने का कारण रूस से तेल खरीद को बताया था। ट्रम्प ने इस कदम के जरिए भारत को रूस के प्रति अपनी निर्भरता कम करने का दबाव देने की कोशिश की थी। हालांकि, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक हितों को ध्यान में रखते हुए रूस से तेल खरीदना जारी रखा।
पुतिन के इस दौरे से दोनों देशों के आर्थिक, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को और विस्तार मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह यात्रा भारत-रूस संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक होगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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