यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका-चीन टैरिफ डेडलाइन में सिर्फ एक दिन बाकी है। अगर समय पर कोई समझौता नहीं होता, तो अमेरिका चीन से आने वाले अरबों डॉलर के सामान पर अतिरिक्त शुल्क लगा सकता है। इससे वैश्विक बाजारों में भी अस्थिरता की आशंका है।
अमेरिका का आरोप है कि चीन ने व्यापार संतुलन और बौद्धिक संपदा जैसे मुद्दों पर पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। वहीं चीन ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका टैरिफ बढ़ाता है, तो वह भी जवाबी कार्रवाई करेगा।
अब सबकी नजरें ट्रंप के फैसले पर टिकी हैं, जो इस व्यापार विवाद की दिशा तय करेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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