हालांकि, विपक्ष ने इस फैसले को कड़ा विरोध किया है। उनका आरोप है कि यह सिर्फ एक पब्लिसिटी स्टंट है और संविधान में “AI मंत्री” जैसे किसी पद का प्रावधान ही नहीं है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सरकार असली सुधारों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
यह कदम दुनिया भर में चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि किसी देश ने पहली बार मंत्रालय स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को जिम्मेदारी सौंपी है। अब देखना होगा कि यह प्रयोग भ्रष्टाचार रोकने में कितना सफल साबित होता है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।