अमेरिका ने आखिरी बार 1992 में 2300 फीट गहराई में परमाणु परीक्षण किया था। उस विस्फोट की ताकत इतनी थी कि चट्टानें तक पिघल गई थीं। इसके बाद अमेरिका ने परीक्षणों पर रोक लगाकर केवल सिमुलेशन और तकनीकी अनुसंधान पर ध्यान दिया था।
ट्रम्प का यह फैसला रूस और चीन की परमाणु गतिविधियों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम दुनिया को फिर एक नई परमाणु हथियारों की दौड़ की ओर धकेल सकता है।
Author: JAN TV Editorial Team
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