हालात तब और बिगड़ गए जब खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर एक प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे, जहां पुलिस के साथ उनकी धक्का-मुक्की की घटना सामने आई। वीडियो वायरल होते ही सरकार और PTI के बीच टकराव और तेज़ हो गया। प्रदर्शन के दौरान कई शहरों में इंटरनेट सेवाएँ बाधित की गईं और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ानी पड़ी।
इमरान खान की मौजूदा स्थिति पर सरकार की ओर से कोई स्पष्ट दृश्य प्रमाण न मिलने से अफवाहों का दौर जारी है। PTI सरकार पर जानकारी छिपाने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार दावा कर रही है कि खान सुरक्षित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पारदर्शिता की कमी और बढ़ता सड़क आक्रोश पाकिस्तान की राजनीतिक स्थिरता के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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