तुर्किये फिर F-35 के करीब: ट्रंप–एर्दोआन की नज़दीकियों से खुला अमेरिकी लड़ाकू विमान कार्यक्रम का रास्ता
(India) अमेरिका और तुर्किये के रिश्तों में फिर से गर्माहट लौटती दिख रही है। अंकारा में अमेरिकी राजदूत टॉम बैरक ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन के बीच बने मजबूत संबंधों ने दोनों देशों को F-35 कार्यक्रम पर नई बातचीत के करीब ला दिया है। रूस से S-400 मिसाइल प्रणाली खरीदने के बाद तुर्किये को F-35 परियोजना से बाहर कर दिया गया था, क्योंकि अमेरिका को आशंका थी कि संवेदनशील तकनीक का डेटा रूस तक पहुंच सकता है। बैरक के अनुसार, लगभग एक दशक में यह सबसे सकारात्मक चर्चा है और आने वाले महीनों में समाधान की उम्मीद है।
तुर्किये पहले ही इस परियोजना में 1.4 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है और अब वह अपनी वायुसेना को मजबूत करने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिनमें Eurofighter Typhoon, F-16 के नए मॉडल और 2028 में आने वाला घरेलू “Kaan” फाइटर जेट शामिल है। राजनयिक संकेतों से स्पष्ट है कि ट्रंप प्रशासन तुर्किये की भू-राजनीतिक भूमिका और मध्यस्थता क्षमता को अहम मानते हुए F-35 बिक्री पर लगे प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रहा है, जिससे अमेरिका और तुर्किये दोनों के सुरक्षा हितों को मजबूती मिल सकती है।

Author: JAN TV Editorial Team

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