भारत में पकड़े गए पाकिस्तानी मछुआरे: परिवारों की भावुक अपील—‘हम गरीब हैं, बच्चों का क्या होगा?
(India) भारतीय समुद्री सीमा में प्रवेश के आरोप में इस सप्ताह 11 पाकिस्तानी मछुआरों की गिरफ्तारी के बाद उनके परिवारों ने भारत और पाकिस्तान सरकार से भावुक अपील की है। परिजनों का कहना है कि वे बेहद गरीब हैं और मछली पकड़ना ही उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र साधन है। गिरफ्तार मछुआरे कराची के इब्राहिम हैदरी इलाके के निवासी बताए जा रहे हैं। गुलाम मुस्तफा के पिता अहमद ब्रोही ने कहा कि उनका परिवार पहले भी ऐसी पीड़ा झेल चुका है और कुछ मछुआरे सालों से भारत की जेलों में बंद हैं। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से राजनयिक स्तर पर हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय तटरक्षक बल ने गुजरात के जखाऊ तट के पास इन मछुआरों को हिरासत में लिया। सिंध फिशरीज विभाग की प्रमुख फातिमा मजीद का कहना है कि अरब सागर में स्पष्ट समुद्री सीमा न होने के कारण मछुआरे अक्सर अनजाने में सीमा पार कर जाते हैं। उन्होंने खास तौर पर 12 और 15 साल के दो नाबालिग बच्चों को मानवीय आधार पर रिहा करने की अपील की है। पाकिस्तान फिशरफोक फोरम के मुताबिक, इस घटना के बाद भारत की जेलों में बंद पाकिस्तानी मछुआरों की संख्या लगभग 74 हो गई है।

Author: JAN TV Editorial Team

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