(India)
पहला इसरो द्वारा निर्मित क्रायोजेनिक इंजन का परीक्षण और दूसरा संचार उपग्रह को कक्षा में स्थापित करना। इस प्रक्षेपण यान को रविवार अपराह्न 4.18 बजे छोड़ा गया। यह यान, संचार उपग्रह जीसैट-14 को कक्षा में स्थापित करेगा। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण यान ने उड़ान भरी। इसकी लंबाई 49.13 मीटर है और वजन 414.75 टन है। उम्मीद है कि यह 1,982 किलोग्राम वजनी जीसैट-14 को 17 मिनट की उड़ान के बाद उसकी कक्षा में स्थापित कर देगा। इसरो पिछले साल अगस्त में इस यान का प्रक्षेपण करना चाहता था, लेकिन दूसरे चरण के इंजन से ईंधन के रिसाव की वजह से इसे स्थगित कर दिया गया था। इसरो के अधिकारियों ने बताया कि अब इसमें दूसरे चरण को बदलकर भिन्न धातु से बना नया चरण लगा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही पहले चरण के कुछ महत्वपूर्ण उपकरणों में बदलाव किया गया है।
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।