(Garhmukteshwar, Ghaziabad)
गौरतलब है कि कि निठारी मामले में 13 फरवरी 2009 को सीबीआई विशेष न्यायाधीश रमा जैन ने मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को फांसी की सजा सुनाई थी। दोनों ही आरोपी फिलहाल गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं। देश की राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा के निठारी गांव में 2006 में बच्चो के कंकाल मिलने से पूरे देश में सनसनी फैल गई थी। सीबीआई को खोजबीन के दौरान मानव हड्डियों के कुछ हिस्से और 40 ऐसे पैकेट मिले, जिनमें मानव अंगों को भरकर नाले में फेंक दिया गया था। जांच-पड़ताल में उजागर हुआ कि हत्या से पहले सभी का यौन शोषण किया गया था। पंधेर और कोली को 29 दिसंबर 2006 को गिरफ्तार किया गया था। इस कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। जिसके बाद आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा की मांग की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए 11 जनवरी 2007 को सीबीआई ने पूरा केस अपने हाथ में ले लिया। 28 फरवरी और 01 मार्च 2007 को सुरेंद्र कोली ने दिल्ली में एसीएमएम में अपने इकबालिया बयान दर्ज कराए थे। इन बयानों की वीडियोग्राफी भी हुई थी। निठारी केस के तीन मामले ऐसे भी हैं, जिनके बारे में सीबीआई भी कुछ तलाश नहीं कर सकी। जांच के बाद सीबीआई ने इन तीनों ही मामलों में अपनी फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी। इसके साथ ही शेखराजा, कुमारी सोनी और एक अज्ञात मामला हमेशा के लिए ही राज ही रह गया।
Author: JAN TV Editorial Team
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