पूर्व मंत्री महेश जोशी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, 5 महीने बाद जेल से आयेंगे बाहर
(Jaipur, Jaipur) राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री महेश जोशी को जल जीवन मिशन घोटाले से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गयी है। इस फैसले से उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है। महेश जोशी को भ्रष्ष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने इस मामले में गिरफ्तार किया था। वह करीब पांच महीने से जेल में बंद है। महेश जोशी राजस्थान के पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के मंत्री रहे है। जल जीवन मिशन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में उनका नाम सामने आने के जाँच एजेंसियों ने कार्रवाई की थी। अब सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद इस मामले में उनकी कानूनी लड़ाई आगे जारी रहेगी।

जल-जीवन मिशन केंद्र सरकार के एक महत्वतपूर्ण योजना है जिसका उदेश्य ग्रामीण क्षेत्र में घर-घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचना है। राजस्थान में इस योजना के तहत हुए कार्यों और उनसे जुड़े ठेकों में कथित अनियमताओं को लेकर की जा रही है। जाँच एजेंसियों ने आरोप लगाया था कि योजना से जुड़े कुछ कार्यों और ठेकों में गड़बड़ी हुई। इसी मामले में एसीबी ने कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार किया था। मामले की जाँच के दौरान वित्तीय लेनदेन, ठेकों और सम्बंधित अधिकारीयों की भूमिका जैसे पहलुओं की पड़ताल की गयी। हालांकि किसी भी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में पेश किया जाना जरुरी है। जमानत मिलने का मतलब यह नहीं हुआ की मामले में आरपी समाप्त हो गए है या आरोपी को दोषमुक्त कर दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद महेश जोशी को जेल से रिहा किये जाने के प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिये अदालत के आदेश और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं का पालन करना होगा। जमानत की शर्तें भी उसके आगे के कानूनी क़दमों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी। इस मामले में अब जाँच और न्यायिक प्रक्रिया अपने निर्धारित तरीके से आगे बढ़ेगी।

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