1980 के दशक में फूलन देवी पर 22 लोगों की हत्या का आरोप था। जिसके बाद फूलन देवी ने सरेंडर किया। उसके बाद फूलनदेवी राजनेता बन गई और समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव भी जीता। 25 जुलाई, 2001 को फूलनदेवी के सरकारी आवास के सामने गोलियों से भूनकर उनकी हत्या कर दी गई।
Author: JAN TV Editorial Team
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