उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, असम और बिहार में बाढ़ का तांडव, कई मरे, लाखों विस्थापित
(UTTARANCHAL, India) उत्तराखंड, असम, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। दो दिन हुए लगातार बारिश से उत्तराखंड बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सूत्रों ने बताया कि भूस्खलन और बाढ़ 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तर प्रदेश में बाढ़ से 1500 गांव प्रभावित, 28 लोगों की मौत,,, नेपाल में बादल फटने से उत्तर प्रदेश के कई जिलों के 1500 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बाढ़ के कहर से अब तक 28 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है जबकि दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं। प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने रविवार को यह जानकारी दी। आलोक रंजन ने राजधानी में पत्रकारों को बताया कि उत्तराखंड में भारी वर्षा व नेपाल में बादलों के फटने के कारण प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ जाने के कारण प्रदेश के 9 जनपद प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि घाघरा, शारदा, सरयू, राप्ती एवं अन्य सहायक नदियों मे अचानक जलस्तर बढ़ जाने से लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, बाराबंकी, बलरामपुर, श्रावस्ती, गोंडा, फैजाबाद तथा सिद्घार्थनगर जनपद प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों एवं व्यक्तियों को राहत प्रदान कराये जाने के लिए 73 राहत शिविर एवं 77 बाढ़ चौकियां स्थापित करा दी गई है।
बिहार के 9 जिलों में 4 लाख लोग बाढ़ में फंसे
बिहार के नौ जिले अभी तक बाढ़ से प्रभावित हैं और इससे करीब चार लाख लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ जनित घटनाओं ने अभी तक दो लोगों की जान ली है। बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की क्रमश: 12 और चार टीमें तैनात की गई हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दरभंगा, नालंदा, पश्चिम चम्पारण, सुपौल, सहरसा, नवादा, शेखपुरा, सीतामढ़ी और पटना जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ के कारण सहरसा जिले में आज दो लागों की मौत हुई है। प्रभावित जिलों से अभी तक 38,000 लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंचाए गए हैं और 75 राहत शिविर लगाए गए हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव ने बताया, ‘बाढ़ का पानी पटना जिले के दनियावन और बेलछी ब्लॉकों मे घुस गया है। पानी पड़ोस के नालंदा जिले से आया है जहां पंचाने और सकरी नदियों में बाढ़ आयी हुई है।’
असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर
असम में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई क्योंकि उपरी और मध्य असम के जिलों में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है। एक आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया है कि असम और समीपवर्ती अरूणाचल प्रदेश में भारी बारिश होने के बाद लखीमपुर, धेमाजी, सोनितपुर, नगांव, मोरीगांव और डिब्रूगढ़ में नदियां उफान पर हैं। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य में भी भीषण बाढ़ होने के कारण असहाय जानवर आत्मरक्षा के लिए उंचे स्थानों की ओर जा रहे हैं। दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीप माजुली में भी बाढ़ है। वहां ब्रह्मपुत्र नदी का पानी खतरे के निशान से उपर बह रहा है। लखीमपुर जिले में बाढ़ के पानी में एक बच्चा बह गया।
अरूणाचल में बाढ़ और भूस्खलन
पिछले कई दिनों से अरूणाचल प्रदेश में लगातार बारिश होने से राज्य के कई जिलों में बाढ़ आई है और भूस्खलन हुए हैं। इसके चलते सड़क यातायात बाधित हुआ है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। लोक निर्माण विभाग (राजमार्ग) के प्रमुख अभियंता एच. अप्पा ने कहा कि भारी बारिश के कारण 15 अगस्त को हुए भूस्खलन से इटानगर और नाहरलगुन के बीच सतही संपर्क बाधित हुआ और कारसिंग्सा के निकट सड़क और पुल बह गए। उन्होंने एक विज्ञप्ति में कहा कि कारसिंग्सा के रास्ते बांदेरदेवा और इटानगर के बीच का सड़क संपर्क तीसरे दिन भी बाधित रहा। फिलहाल यह सड़क सभी वाहनों के लिए बंद है।
ओडिशा में 209 गांवों में बाढ़, 47 लोगों की मौत
ओडिशा में महानदी में बाढ़ की स्थिति में काफी सुधार हुआ है लेकिन 209 गांवों के दो लाख लोग अब भी बाढ़ में फंसे हैं जबकि इससे मरने वालों की संख्या 47 हो गई। राहत उपायुक्त प्रभात रंजन मोहापात्रा ने कहा, हमें आशा है कि अगले दो दिन में सभी गांवों में जलस्तर घटेगा। उन्होंने कहा कि पुरी जिले में 115 जबकि केन्द्रपाड़ा जिले में 52 गांव में लोग फंसे हैं। उन्होंने कहा कि पांच अन्य जिलों भद्रक (पांच गांव), कटक (एक), ढेकनाल (19), जगतसिंहपुर (6) और खुरदा (9) में भी लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। सरकार ने सभी 23 प्रभावित जिलों में राहत अभियान चलाए हैं। मोहापात्रा ने कहा कि ज्यादातर स्थानों पर बाढ़ का पानी कम होने से बड़ी नदियों में बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है लेकिन राजघाट में स्वर्णरेखा का जलस्तर बढ़ा है।
जम्मू कश्मीर में बाढ़ से 200 मीटर बाड़ बह गई
जम्मू कश्मीर के सांबा जिले में भारी बारिश की वजह से अचनाई आई बाढ़ में भारत पाकिस्तान सीमा पर 200 मीटर के इलाके में लगी त्रिस्तरीय बाड़ बह गई। बाढ़ से सीमा की कुछ अग्रिम चौकियों को नुकसान हुआ है। बीएसएफ के एक अधिकारी ने आज यहां कहा कि सांबा जिले के रामगढ़ इलाके में अचानक आई बाढ़ की वजह से सीमा पर लगी 200 मीटर बाड़ बह गई। अधिकारी ने कहा कि अचानक आई बाढ़ के कारण सीमा की कुछ अग्रिम चौकियों (बीओपी) को मामूली नुकसान हुआ।

Author: JAN TV Editorial Team

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