बदायूं गैंगरेप : 'पीड़िताओं के कपड़ों पर नहीं मिले आरोपी के डीएनए'
(Bilsi**, Budaun) सीबीआई को सोमवार को ‘सेंटर फार डीएनए फिंगरप्रिटिंग एंड डायग्नोस्टिक’ से रिपोर्ट मिली है जिससे अपराधियों को पकड़ने में एजेंसी को मदद मिलने की संभावना है। सीबीआई सूत्रों ने रिपोर्ट का विवरण दिये बिना कहा कि जांच दल के लिए यह रिपोर्ट अहम है और यह मामला अब कभी भी सुलझाया जा सकता है। सूत्रों ने कहा कि एम्स फारेंसिक विशेषज्ञ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है और उन्हें काम में तेजी लाने को कहा गया है। पैनल ऑटाप्सी के लिए दो किशोरी पीडितों के शव खोद कर नहीं निकाल सका था क्योंकि जाहिरा तौर पर इस संबंध में देर से फैसला किया गया। भारी बारिश के कारण गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से कब्रों के पानी में डूब जाने से फारेंसिक जांच के लिए शवों का निकालना संभव नहीं हो पाया था। सूत्रों ने कहा कि उसके बाद पैनल ने एजेंसी से पीड़ितों का सामान मुहैया कराने को कहा गया था ताकि मेडिकल और फारेंसिक विश्लेषण के लिए कुछ नमूने लिए जा सकें। बोर्ड ने अपराध के स्थान का भी दौरा किया है। झूठ पकड़ने वाली मशीन से जांच में आरोपियों के साफ निकलने के बाद संदेह की सुई परिवार की ओर घूमने लगी। यह संदेह और बढ़ गया जब परिवार के सदस्य और एक चश्मदीद इस जांच में नाकाम रहे। सूत्रों ने कहा कि एजेंसी अब एक स्थानीय नेता की भूमिका की जांच कर रही है जिसने कथित तौर पर पांच आरोपियों पर हत्या का दोष लगाने के लिए परिवार को प्रभावित किया। सभी पांच आरोपी पप्पू, अवधेश और उर्वेश (भाई) तथा सिपाहियों छत्रपाल यादव और सर्वेश यादव एक ही जाति के हैं।

Author: JAN TV Editorial Team

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