कश्मीर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान में सोमवार को नौसेना के कमांडोज को भी पहली बार तैनात किया गया. बाढ़ प्रभावित कश्मीर घाटी में 3जी दूरसंचार सेवा के 90 टावरों ने काम करना शुरू कर दिया है जबकि महत्वपूर्ण संचार टावरों को बहाल करने के लिए 10 वीसैट प्रणालियां भेजी जा रही हैं. एक अनुमान के मुताबिक, सड़कों पर ट्रांसपोर्ट बहाल होने में 5 से 7 दिन लग सकते हैं. घाटी में सोमवार को बारिश नहीं हुई लेकिन श्रीनगर व कुछ अन्य शहरों में बाढ़ के पानी के स्तर में कमी नहीं आई है जिससे लाखों फंसे लोगों को बचाने में बचाव एजेंसियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. श्रीनगर का बड़ा हिस्सा जलमग्न है और दर्जनों नावों को इन इलाकों में तैनात किया गया है. छह दशक में राज्य में आई इस भीषणतम बाढ़ से प्रभावित कई इलाकों में लोग घर की छतों और अपने घर के ऊपरी मंजिल पर शरण लिए हुए हैं.बाढ़ की वजह से अब तक 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि पहली बार दक्षिण कश्मीर में राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों एवं परिवहन विमानों ने कई उड़ानें भरीं . अभी तक करीब 22 हजार लोगों को बचाया गया है जिनमें 2000 लोग श्रीनगर एवं आसपास के इलाकों के हैं. वायुसेना ने बचाव एवं राहत अभियान के लिए 45 विमान और हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं.
Author: JAN TV Editorial Team
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