(JAMMUandKASHMIR, India)
वहीं, बाढ़ से प्रभावित दक्षिण कश्मीर में सशस्त्र बलों ने हजारों लोगों को बचाया है। वहां राहत अभियानों के लिए 30 हजार से अधिक सैनिकों और दुनिया के सबसे बड़े हेलिकॉप्टर एमआई-26 टी समेत 80 मालवाहक विमानों और हेलिकॉप्टर बचाव कार्य में जुटे हैं। बाढ़ग्रस्त जम्मू कश्मीर में अब भी अनुमानित छह लाख लोग मदद का इंतजार कर रहे हैं। बाढ़ के चलते राज्य में मरने वालों की तादाद 215 तक पहुंच गई है। उधर, राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावितों को छह महीने के लिए मुफ्त में राशन देने की घोषणा की है। आज राहत की खबर यह है कि जम्मू कश्मीर में मौसम साफ है, जिससे बचाव अभियान में काफी सहूलियत होगी। वहीं, श्रीनगर में संचार व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया गया है। राज्य में बाढ़ से मची यह तबाही पिछले कई दशकों की सबसे भयावह त्रासदी बताई जा रही है। सेना ने राहत व बचाव कार्य के लिए एक लाख जवानों को तैनात किया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के दलों ने भी अपने बचाव कार्यों को और तेज कर दिया है। बाढ़ की विभीषिका से बुरी तरह प्रभावित कश्मीर घाटी में बुधवार को जलस्तर घटने से प्रशासनिक और सैन्य बचाव दलों के लिए बाढ़ में फंसे लाखों लोगों तक पहुंचना थोड़ा आसान हुआ। लेकिन राहत कार्यों की गति को लेकर लोगों की नाराजगी बढ़ रही है। पानी से होने वाली बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है। रक्षा मंत्रालय ने एक विज्ञप्ति में बताया कि राज्य में चल रहे बचाव एवं राहत अभियानों के तहत विभिन्न हिस्सों से एक लाख के करीब लोगों को सशस्त्र बलों और एनडीआरएफ ने अब तक बचाया है। 80 मालवाहक विमानों और वायु सेना के हेलिकॉप्टरों और सैन्य उड्डयन कोर को सेवा में लगाया गया है। इसमें कहा गया है कि सेना ने राहत एवं बचाव अभियानों में 329 टुकड़ियों (तकरीबन 30 हजार सैनिकों) की तैनाती की गई है। उसमें से 244 श्रीनगर क्षेत्र में तैनात किए गए हैं जबकि 85 जम्मू क्षेत्र में तैनात किए गए हैं। अब तक हेलिकॉप्टरों और विमानों ने 710 उड़ानें भरी हैं। इनमें से 97 उड़ानें आज ही भरी गईं। वायु सेना ने 807 टन राहत सामग्रियां भी गिराईं। रक्षा प्रवक्ता कर्नल जीडी गोस्वामी ने जम्मू में कहा कि आम तौर पर जलस्तर घटने लगा है। लेकिन झेलम नदी के आसपास के निचले इलाकों में जल स्तर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि श्रीनगर शहर में बाढ़ के बाद जलस्तर तीन से चार फुट कम हो गया है। लेकिन वुलर झील में जलस्तर 6 इंच बढ़ा है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।