(DELHI, India)
कोली को एक सप्ताह में दूसरी बार राहत मिली है। उसे इसी सप्ताह मेरठ में फांसी दी जानी थी। मामले की अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को होगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने आठ सितम्बर को सुरिंदर कोली की फांसी पर एक सप्ताह की रोक लगा दी थी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में अपने एक ऎतिहासिक फैसले में कहा था कि, फांसी की सजा पाने वाले प्रत्येक अपराधी को खुली अदालत में फिर से अपील करने का संवैधानिक अधिकार है। कोली ने अपने अपराधों को कबूलते हुए कहा था कि उसने कुछ शवों के साथ शारीरिक संबंध भी बनाए। कोली नोएडा के निठारी गांव में मोनिन्दर सिंह पंढ़ेर के घर में काम करता था। उसने लगभग 19 बच्चों जिनमें लड़कियां भी शामिल के साथ दुष्कर्म किया और फिर उनकी हत्या कर दी। उसे रीम्पा हलधर की हत्या के आरोप में फांसी की सजा सुनाई गई थी। गौर हो कि राष्ट्रपति ने 27 जुलाई को कोली की दया याचिका खारिज कर दी थी। कोली के खिलाफ अभी भी हत्या के 11 मामले लंबित हैं। सीबीआई उसके खिलाफ 16 मामलों में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है, जिसमें उसने बच्चों का कथित यौन शोषण किया और फिर हत्या कर दी थी। यह मामला दिसंबर 2006 में उस समय सामने आया जब एक लापता लड़की के बारे में पता चला कि उसकी हत्या कोली ने की थी
Author: JAN TV Editorial Team
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