(India)
इन कोर्सों से विद्यार्थियों में हुनरमंद क्षमता का विकास हो सकेगा। सीक्योरिटी, ऑटो, मैन्यूफैक्चरिंग सहित कई क्षेत्र होंगे, जहां विद्यार्थी कोर्स के तौर पर चुनकर बेहतर रोजगार पाने में सक्षम होंगे। अभी आजीविका मिशन के तहत प्रशिक्षणार्थियों की आम शिकायत है कि उन्हें ट्रेनिंग के बाद कम वेतन पर रखने की बात होती है लेकिन हकीकत यह भी है कि इस मिशन के तहत ट्रेनिंग का समय बहुत ही कम है। मसलन सीकर में सीक्यूरिटी गार्ड की ट्रेनिंग का समय तीन माह है।
Author: JAN TV Editorial Team
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