CBSE ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा के बाद सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन में भी ऐसी गलतियों को सुधारा नहीं जाएगा। इसलिए स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि छात्रों को नए पैटर्न का पर्याप्त अभ्यास कराया जाए और प्री-बोर्ड में भी यही व्यवस्था लागू हो। बोर्ड के अनुसार, यह बदलाव मूल्यांकन की गुणवत्ता बढ़ाने और कॉपी जांच में पारदर्शिता लाने के लिए किया गया है।
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