एसके सोनी हाॅस्पिटल की जमीन बेचने के मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री गहलोत, उद्योग मंत्री चंद्रभान और जेडीसी निहालचंद के खिलाफ मामला हुआ दर्ज
(Amber, Jaipur) जयपुर के वैशाली नगर निवासी सुरेश शर्मा के परिवाद पर सोनी अस्पताल की जमीन बेचे जाने के मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, तत्कालीन उद्योग मंत्री चंद्रभान, तत्कालीन जेडीसी निहालचंद गोयल और डॉ. बिमल रॉय सोनी पर केस दर्ज करने के आदेश देने के बाद गांधीनगर थाने में मामला दर्ज किया गया है। वहीं मामला वीआईपी से जुडा होने के कारण जांच के लिए सीआईडी सीबी जयपुर को सौंप दिया गया है। परिवादी सुरेश चंद शर्मा ने परिवाद दर्ज कराया कि सोनी हॉस्पिटल को 6 करोड़ रुपए की रियायती दर पर जमीन दी गई थी। बाद में इसे अवैध तरीके से 123 करोड़ रुपए में अन्य व्यक्ति राजन पादुकोणे को बेच दिया गया। विद्याधर नगर में 24 हजसा 145 वर्गमीटर का एक भूखंड ट्रोमा अस्पताल के लिए आरक्षित रखा था। वर्ष 1997 में इस जगह करीब डेढ़ करोड़ रुपए से निर्माण करवाया। सरकार ने अप्रैल 1997 में इसे एसएमएस मेडिकल कॉलेज को सौंपने का निर्णय लिया, लेकिन 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल के दौरान तत्कालीन उद्योग मंत्री डॉ. चंद्रभान ने धन की कमी के कारण अस्पताल का निजीकरण करना तय किया। डॉ. विमल सोनी, डॉ. चन्द्रभान के मित्र थे इसलिए तत्कालीन जेडीसी निहालचंद गोयल के साथ मिलकर सोनी ने फर्जी दस्तावेज बनाकर 6 करोड़ 11 लाख रुपए में अस्पताल ले लिया, जबकि जेडीए नियमों से यदि इसकी नीलामी की जाती तो इसकी कीमत 31 करोड़ रुपए होती। अस्पताल का उपयोग व्यावसायिक और वाणिज्यिक रूप में होता रहा। जबकि गरीबों को निशुल्क इलाज मुहैया नहीं कराया गया। अवैध तरीके से अस्पताल को किसी अन्य पक्षकार राजन पादूकोणे को 123 करोड़ रुपए में दे दिया है। जबकि नियम है कि जेडीए की रियायती दर पर आवंटित जमीन न तो ट्रांसफर हो सकती है और न ही उसका बेचान किया जा सकता है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार और वसुंधरा राजे पर निशाना साधा है। गहलोत ने इस मामले को राजनीति से प्रेरित बताया। वहीं वसुंधरा ने कहा है कि कोर्ट ने आदेश दिए हैं। कानून अपना काम करेगा।

Author: JAN TV Editorial Team

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