घटना रात करीब 9 बजे की है। एहतियात के तौर पर पुलिस ने दड़ा मार्केट का बाजार बंद करवा दिया और इलाके की बिजली सप्लाई भी बंद कर दी। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट या पटाखे से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
दुकानें बंद कर घर जा चुके थे व्यापारी
जानकारी के अनुसार, आग की चपेट में आई चारों दुकानें व्यापारी सुरेश इसरानी की हैं। दिवाली की तैयारियों के बीच व्यापारी रात करीब 8 बजे दुकानें बंद कर घर चले गए थे। इसके लगभग एक घंटे बाद दुकानों में आग लग गई।
कपड़ों की दुकान होने के कारण आग तेजी से फैल गई। ग्राउंड फ्लोर की दो दुकानों से उठी आग ने फर्स्ट फ्लोर की दो दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। कॉम्प्लेक्स की छत पट्टियों से बनी हुई है। कमजोर पट्टियों के कारण आग ऊपर की दुकानों तक पहुंच गई।
सिलेंडर और दोपहिया वाहनों से बढ़ा हादसे का खतरा
जिस कॉम्प्लेक्स में आग लगी, वहां दोपहिया वाहन खड़े थे और परिसर में एक गैस सिलेंडर भी मौजूद था। ऐसे में आग के दौरान सिलेंडर में विस्फोट होने की आशंका से बड़ा हादसा हो सकता था।
संकरी गलियों के कारण बड़ी दमकल गाड़ियों को मौके तक पहुंचने में परेशानी हुई। इसके बाद छोटी दमकल गाड़ियों को भी बुलाया गया। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।
मेयर बोले- आग लगने के कारणों की होगी समीक्षा
आग की सूचना मिलने पर जयपुर मेयर सुनील कोठारी भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पर जाकर प्रभावित दुकानों का जायजा लिया।
मेयर ने बताया कि दिवाली की पूर्व संध्या पर व्यापारी दुकानें बंद करके घर जा रहे थे। इसी दौरान संभवत: शॉर्ट सर्किट से आग लगी। कपड़ों की दुकान होने के कारण आग तेजी से फैल गई। उन्होंने कहा कि कॉम्प्लेक्स की छत की पट्टियां कमजोर होने से आग फर्स्ट फ्लोर तक पहुंच गई।
मेयर के अनुसार, व्यापारियों के साथ पहले भी बैठक कर उन्हें अपने स्तर पर आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम करने की अपील की गई थी। पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी और जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
संकरी गलियों के कारण छोटी दमकल गाड़ियों की ली गई मदद
एडिशनल डीसीपी नॉर्थ फर्स्ट आलोक कुमार सिंघल ने बताया कि हल्दियों का रास्ता स्थित कानोता मार्केट में आग लगने की सूचना मिली थी। सुरेश इसरानी की लेडीज सूट्स की दुकान में आग लगी थी। सूचना मिलते ही बड़ी चौपड़ पर खड़ी दमकल गाड़ी को मौके पर भेजा गया। रास्ता संकरा होने के कारण बाद में छोटी दमकल गाड़ियां भी बुलाई गईं।
पुलिस और दमकलकर्मियों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब तीन घंटे बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका। आग से प्रभावित चारों दुकानें सुरेश इसरानी की हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों और दुकानों में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
कॉम्प्लेक्स में फायर सेफ्टी इंतजाम नहीं होने का दावा
जानकारी के अनुसार, कानोता कॉम्प्लेक्स तीन मंजिला भवन है। प्रत्येक मंजिल पर करीब 10 से 12 दुकानें हैं। हैरानी की बात यह सामने आई कि कॉम्प्लेक्स में फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं थी। जिस स्थान पर आग लगी, वहां गैस सिलेंडर और दोपहिया वाहन भी खड़े थे। इन परिस्थितियों में आग की घटना बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।
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