सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- भारत को अस्थिर करने की साजिशें रची जा रहीं
(UTTARPRADESH, UTTARPRADESH) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव-2026 के समापन समारोह में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विरासत, विकास और लोककल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग नक्सलवाद, आतंकवाद और अराजकता के जरिए देश की व्यवस्था को प्रभावित करने की साजिशें रच रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, "कोप भवन में बैठे मंथरा और मारीच भारत को अस्त-व्यस्त करने की साजिशें रच रहे हैं।" उन्होंने कहा कि चुनौती कितनी भी कठिन हो और सामने कितना भी बड़ा सागर क्यों न हो, जब नीयत साफ, नीति स्पष्ट और जनता के प्रति प्रतिबद्धता का संकल्प हो तो दुनिया की कोई ताकत विजय प्राप्त करने से नहीं रोक सकती।

रामभक्तों पर गोली चलाने वाले सार्वजनिक माफी मांगें: सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राम की पैड़ी पर जगमगाते लाखों दीप केवल उत्सव की भव्यता नहीं बढ़ा रहे, बल्कि रामभक्तों के संकल्प, आस्था और बदलते भारत की तस्वीर भी प्रस्तुत कर रहे हैं। उन्होंने 36 वर्ष पहले सरयू नदी के जल को रामभक्तों के लहू से रक्तरंजित किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या को रक्तरंजित किया, वे आज फिर सिर उठाने का प्रयास कर रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि जो लोग कभी कहते थे कि अयोध्या में परिंदा भी पर नहीं मार सकता और जय श्रीराम बोलने को प्रतिबंधित करते थे, वे आज राम मंदिर में दर्शन करने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने और रामभक्तों पर गोली चलाने वालों को संतों और रामभक्तों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और पश्चाताप करना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में धरातल पर उतर रही रामराज्य की परिकल्पना

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और पौराणिक ग्रंथों में वर्णित रामराज्य की परिकल्पना आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धरातल पर उतर रही है। जब गरीब को निःशुल्क अन्न मिलता है, नौजवान को रोजगार मिलता है, किसान के परिश्रम को सम्मान मिलता है, श्रमिक को उचित मानदेय मिलता है और महिलाएं सुरक्षा के विश्वास के साथ अपने गंतव्य तक पहुंचती हैं, तब रामराज्य की परिकल्पना साकार होती है।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा, सुशासन और समृद्धि के माध्यम से हर व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।

अयोध्या में विकास कार्यों का किया उल्लेख

सीएम योगी ने कहा कि दस वर्ष पहले अयोध्या में इतने भव्य दीपोत्सव की कल्पना करना मुश्किल था। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अयोध्या में बुनियादी सुविधाओं की कमी थी, बिजली की सीमित उपलब्धता थी और गलियां संकरी थीं। रामलला टेंट में विराजमान थे और श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए संकरे रास्तों से गुजरना पड़ता था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राम मंदिर तक पहुंचने के लिए फोरलेन मार्गों की व्यवस्था है। महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बना है। रामपथ, श्रीराम जन्मभूमि पथ, भक्ति पथ और धर्मपथ का विस्तार हुआ है। रेलवे स्टेशन का विकास हुआ है और वंदे भारत तथा अमृत भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों का संचालन हो रहा है। अयोध्या सोलर सिटी के रूप में भी नई पहचान बना रही है।

महिलाओं की सुरक्षा पर सख्त संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब अयोध्या में जय श्रीराम बोलने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगा सकता और उत्तर प्रदेश में कोई पूजा के अधिकार का हनन नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोई दंगा करने का दुस्साहस नहीं कर सकता। बेटी और बहन की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की रावण जैसी दुर्गति होगी।

जाति, संप्रदाय, क्षेत्र और भाषा के नाम पर समाज को बांटने की कोशिशों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनका जवाब प्रभु श्रीराम का आदर्श चरित्र है, जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए सम्मान और सुरक्षा का संदेश है। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।

25 हजार दीपों से 36 लाख तक पहुंचा दीपोत्सव

मुख्यमंत्री ने दीपोत्सव के नौ वर्षों के सफर और प्रदेश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में पहले दीपोत्सव के दौरान केवल 25 हजार दीपक जलाए गए थे। उनके अनुसार, उस समय प्रदेश की अर्थव्यवस्था 12 लाख करोड़ रुपये की थी, जो अब बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इस वर्ष अयोध्या धाम में 36 लाख दीप प्रज्ज्वलित हो रहे हैं।

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश का बजट आज देश के सभी राज्यों में सबसे बड़ा है। उन्होंने इस अवसर को प्रदेश की आर्थिक प्रगति और दीपोत्सव के विस्तार से जोड़कर प्रस्तुत किया।

उपराष्ट्रपति और राज्यपाल समेत संत-महात्मा रहे मौजूद

दीपोत्सव-2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मौजूद रहीं। कार्यक्रम में अयोध्या के संत-महात्माओं के साथ बड़ी संख्या में रामभक्त और श्रद्धालु भी शामिल हुए।
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