राजीव गांधी हत्याकांड: SC में नलिनी की अर्जी खारिज
(DELHI, India) प्रधान न्यायाधीश एच एल दत्तू, न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति ए के सीकरी की खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुये कहा, ‘सॉरी, हमारी दिलचस्पी नहीं है।’ नलिनी ने इस याचिका में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 435 (1) को चुनौती दी थी जिसके तहत यदि केन्द्रीय जांच ब्यूरो की जांच से संबंधित कोई मामला है तो ऐसे दोषी को समय से पहले रिहा करने के लिये राज्य सरकार को केन्द्र से परामर्श करना होगा। नलिनी पिछले 23 साल से जेल में है। मौत की सजा को उम्र कैद में तब्दील किये जाने के कारण वह यह सजा भुगत रही है। निचली अदालत ने इस मामले में उसे 28 जनवरी, 1998 में मौत की सजा सुनायी थी। तमिलनाडु के राज्यपाल ने 24 अप्रैल, 2000 को नलिनी की मौत की सजा को उम्र कैद में तब्दील कर दिया था।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।