रेजीडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल से प्रदेश में चरमराई चिकित्सा व्यवस्था
(Amber, Jaipur) रेजीडेंट डाॅक्टरों की हड़ताल आज दूसरे दिन भी जारी है। वहीं दूसरी ओर सभी मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधि जयपुर मेडिकल कालॅज पहुंचे उनकी चिकित्सा अधिकारियों और सरकार के साथ वार्ता हुई लेकिन सुरक्षा के मुद्दे पर ये वार्ता विफल रही। रेजीडेंट अपनी सभी मांगों को मनवाने के बाद ही काम पर लौटने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार हर बार आश्वासन देती है लेकिन समस्याओं का हल नहीं निकलता। नजीजतन उन्हें हडताल करनी पड़ती है और आमजन पर खराब छवि का असर पड़ता है। जार्ड अध्यक्ष डॉ. रावेन्द्र सिंह ने कहा कि सरकार ने जो वादे किए थे, धरातलीय स्तर पर उन पर कोई काम नहीं हुआ यदि कुछ किया गया है तो सरकार यह बताए। ना ही सुरक्षाकर्मी बढाए हैं, ना ही कैमरे लगे हैं। रेजीडेन्ट्स डाॅक्टर्स ने साफ कहा है कि जब तक सभी अस्पतालों में उनकी सुरक्षा पुख्ता नही होती तब तक हडताल जारी रहेगी। इसी के साथ रेजीडेन्ट डाॅक्टर ने हाॅस्पीटल प्रोटेक्शन फोर्स के गठन के साथ ही जिला अस्पतालों की इमरजेन्सी में रेजीडेन्ट के साथ सीनियर चिकित्सक लगाने की भी मांग की है। जार्ड अध्यक्ष राजवेंद्र चैधरी और अन्य प्रतिनिधियों के साथ मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुभाष नेपालिया की वार्ता हुई। डॉ. नेपालिया ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से चर्चा की और रेजीडेंट डॉक्टरों को मौके पर उनकी मांगों के संदर्भ में स्थिति स्पष्ट की लेकिन बात नहीं बनी। डॉ. नेपालिया ने बताया कि सभी मेडिकल कॉलेज में 17 पुलिस चैकियां बनाने के लिए प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इनमें से जयपुर में 6 चैकियां बनेंगी और हर चैकी में 13 पुलिस कर्मचारी होंगे जो अस्पताल में मुस्तैद रहेंगे। जार्ड अध्यक्ष राजेंद्र चैधरी ने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों के रेजीडेंट डॉक्टर्स के प्रतिनिधि आज जयपुर पहुंचेंगे। यहां संयुक्त बैठक होगी, जिसमें रणनीति बनाई जाएगी।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।